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इंजीनियर अमित ने बतायी जिज्ञासा से भाप इंजिन के आविष्कार की कहानी

कहानी मेला के अंतिम दिन बच्चों ने खुद पात्र बनकर कहानियाँ रचीं। तस्वीर- उत्तम आचार्जी
कहानी मेला के अंतिम दिन बच्चों ने खुद पात्र बनकर कहानियाँ रचीं। तस्वीर- उत्तम आचार्जी

टांगराईन, पोटका (जमशेदपुर), जनवरी 8, 2018: उत्क्रमित मध्य विद्यालय, टांगराइन में आज कहानी मेला के तीसरे और अंतिम दिन बच्चों ने खुद ही पात्र बनकर कहानी बनाने की कला सीखी। समापन समारोह में स्वर्णरेखा परियोजना के इंजीनियर अमित कुमार, कन्हैया लाल, समाजसेवी बर्णाली चक्रवर्ती, तुरामडीह निवासी अंजना भट्टाचार्य एवं उज्ज्वल मंडल ने बच्चों को कहानियाँ सुनायीं।

कहानी मेला के अंतिम दिन बच्चों ने खुद पात्र बनकर कहानियाँ रचीं। तस्वीर- उत्तम आचार्जी
कहानी मेला के अंतिम दिन बच्चों ने खुद पात्र बनकर कहानियाँ रचीं। तस्वीर- उत्तम आचार्जी

इंजीनियर अमित ने बच्चों को जिज्ञासा व प्रश्न पूछने को जरूरी बताते हुए जेम्स वाट द्वारा भाप इंजिन के आविष्कार की कहानी सुनायी। उन्होंने नैतिक शिक्षा पर आधारित दो अन्य कहानियाँ भी सुनायीं।

तुरामडीह निवासी अंजना भट्टाचार्च ने खरगोश-कछुए की चर्चित कहानी को विस्तार देते हुए तीन पीढ़ियों की कहानी सुनायी।

कहानी मेला के अंतिम दिन बच्चों ने नयी प्रकार की कहानियाँ सुनीं । तस्वीर- उत्तम आचार्जी
कहानी मेला के अंतिम दिन बच्चों ने नयी प्रकार की कहानियाँ सुनीं । तस्वीर- उत्तम आचार्जी

समाजसेवी बर्णाली चक्रवर्ती ने सभी बच्चों को शामिल करते हुए उन्हें ही पात्र बनाकर कहानी बनाने का प्रयास किया। समापन समारोह में उज्ज्वल मंडल, विद्यालय के प्रधानाध्यापक अरविंद तिवारी, अमल कुमार दीक्षित, सनत मंडल, विश्वजीत सरदार, मैन सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किये।

कहानी मेला के अंतिम दिन बच्चों ने कहानियों का जमकर आनंद उठाया । तस्वीर- उत्तम आचार्जी
कहानी मेला के अंतिम दिन बच्चों ने कहानियों का जमकर आनंद उठाया । तस्वीर- उत्तम आचार्जी

इसके साथ ही तीन दिनों तक चले कहानी मेला का औपचारिक रूप से समापन हो गया। कार्यक्रम की अपार सफलता एवं बच्चों से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने इसे वार्षिक कार्यक्रम बनाने का निर्णय लिया है।

 
 
 
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