पहला पन्ना / खबरें / गतिविधियाँ / विज्ञान / उ.म. विद्यालय, टांगराईन में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया गया, 18 मॉडल प्रदर्शित किये गये

 

टांगराईन, पोटका (जमशेदपुर), 28 फरवरी: उत्क्रमित मध्य विद्यालय, टांगराईन में आज राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया गया। इस अवसर पर बच्चों ने अतिथियों के समक्ष 18 मॉडल प्रस्तुत किये और उनके विषय में वैज्ञानिक तथ्यों की जानकारी दी।

आरंभ में प्रधानाध्यापक अरविंद तिवारी ने डॉ. सी वी रमन एवं विज्ञान दिवस के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में वैज्ञानिक सोच का विकास करना है। उन्होंने बच्चों को सवाल पूछने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि अंधविश्वास के कारण ग्रामीणों का काफी शोषण होता है। उन्होंने बताया कि अप्रैल माह में बृहद स्तर पर विज्ञान मेला का आयोजन होगा।

उन्होंने कहा कि विज्ञान एवं वैज्ञानिक सोच की एक समृद्ध परंपरा हमारे देश में रही है। किसी भी तथ्य को जाँचने-परखने और तथ्यों के आधार पर मूल्यांकन करने को ही विज्ञान कहते हैं। विज्ञान विश्वास पर नहीं, बल्कि प्रश्नों पर आधारित है। यह किसी भी तथ्य को हूबहू स्वीकार करने की बजाय, प्रयोग और विश्लेषण के जरिए तथ्यों की कसौटी पर परखने और विश्लेषण के जरिए एक निष्कर्ष पर पहुँचने की कोशिश करता है।

उन्होंने कहा कि भारतीय में सवाल पूछने, विज्ञान एवं वैज्ञानिक सोच की एक समृद्ध परंपरा रही हैं। समय के साथ और हजारों वर्षों की गुलामी की वजह से हमारी यह समृद्ध परंपरा बहुत हद तक बाधित हो गयी है। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए यह जरूरी है कि वे हर संभव सवाल पूछें और वैज्ञानिक सोच विकसित करें।

श्री तिवारी ने कहा कि रचनात्मकता, मौलिक विचार एवं स्वतंत्र चिंतन वैज्ञानिक सोच के आधार तत्व हैं।

उन्होंने कहा कि पहले विज्ञान मेला 28 फरवरी को ही आयोजित करने की योजना बनायी गयी थी। पर अपरिहार्य कारणों से इसे अब अप्रैल माह में आयोजित कराया जाएगा।

कार्यक्रम में मुखिया प्रतिनिध राजाराम मुंडा, ग्राम प्रधान मंगल पान, जोजोडीह के ग्राम प्रधान सिंगराई मांझी, उज्ज्वल मंडल, वार्ड मेम्बर मंगला मांझी, सीतारानी मुर्मू, मंटू भगत, शिक्षक अमल कुमार दीक्षित, सुमिता मुंडा, सनत मंडल, विश्वजीत सरदार आदि ने भी संबोधित किया। प्रदर्शनी में रेन वाटर हार्वेस्टिंग, चुंबकीय प्रभाव, ऑक्सीजन की उपस्थिति में जलना, सोलर सिस्टम से सिंचाई, सांद्रता एवं घनत्व, पेयजल स्रोत, पत्तियों के प्रकार आदि से संबंधित प्रदर्श बच्चों ने प्रदर्शित किये।

कार्यक्रम में उपस्थिति ग्रामीण बच्चों की गतिविधियों से काफी प्रसन्न हुए और उन्हें पुरस्कृत करने की घोषणा की।

 

 
 
 
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