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• किशोरियों ने कविता सुनाकर जीता “पैडमैन” चैलेंज,
• 14 को विद्यालय की बच्चियां देखेंगी “पैडमैन”

“Donate Sanitary Napkin for Rural Girls”मुहिम के तहत ग्रामीण किशोरियों
के लिए सैनिटरी नैपकिन कर माहवारी स्वच्छ्ता के मुद्दे पर करें योगदान

10 फरवरी 2018, टांगराईन, पोटका /जमशेदपुर : पिछले दिनों म0वि0 टांगराईन के प्रभारी प्रधानाध्यापक अरविन्द तिवारी ने विद्यालय की बच्चियों को कविता सुनाने का “पैडमैन” चैलेंज दिया था।

इसी क्रम में आज विद्यालय में आयोजित माहवारी स्वच्छ्ता कार्यशाला के दौरान बच्चियों ने माहवारी से जुड़े विषय पर विस्तार से जानकारी ली। साथ ही, कविता सुनाकर “पैडमैन” चैलेंज भी जीत लिया।

आगामी 14 फ़रवरी को कविता सुनाने वाली बच्चियों को जमशेदपुर के सिनेमाघर में अक्षय कुमार अभिनीत हिंदी फीचर फिल्म पैडमैन दिखायी जायेगी। पैडमैन महिलाओं के प्रमुख मुद्दे माहवारी व सैनिटरी नैपकिन पर आधारित है।

माहवारी स्वच्छता महत्वपूर्ण, संकोच ना करें, खुलकर करें बात,
समाज का माहौल बदलेगा : पूनम महानन्द

कार्यशाला के दौरान सामाजिक संस्था ‘निश्चय’ की संस्थापक पूनम महानंद ने बताया कि माहवारी का मुद्दा, जो महिलाओं व किशोरियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मुद्दा है, पर माहवारी के विषय में बात नहीं की जाती, इसे शर्म का विषय समझा जाता है।

नतीजतन उचित जानकारी के अभाव में किशोरियों व महिलाओं को कई गंभीर बीमारियों व परेशानियों से जूझना पड़ता है। कभी-कभी किशोरी बालिकाएँ उन दिनों की परेशानियों की वजह से उचित व्यवस्था व मार्गदर्शन के अभाव में स्कूल जाना छोड़ देती है,जो कतई सही नहीं है।

जागरूकता कार्यशाला के दौरान माहवारी के दिनों में बरती जाने वाली सावधानियाँ, सैनीटरी पैड के उपयोग, खुद की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने, पेट दर्द होने पर बचाव, उपयोग किए गए नैपकिन के निपटान इत्यादि कई उपयोगी बातों के बारे में विस्तार से बताया गया।

प्रतिभागी किशोरियों को बताया गया की यह शर्म का विषय बिलकुल भी नहीं है, यह आपके गर्व करने का विषय है कि आप कुदरत के सर्वश्रेष्ठ कृति के तौर पर परिपक्व हो रही है, यह प्राकृतिक है, ऐसा सभी लड़कियों के साथ होता है, आप बिलकुल भी संकोच ना करें, इस दौरान आप खुद कि सहेलियों से, बड़ी महिलाओं से बात करें, उनसे मदद लेx।

*माहवारी के मुद्दे पर केवल महिलायें ही नहीं, समाज में सहयोगात्मक माहौल निर्माण
हेतु पुरुषों को भी जागरूक होने की आवश्यकता : तरूण कुमार*

कार्यशाला के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता तरुण कुमार ने प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करते हुये बताया कि पुरुषों को भी इस अहम मुद्दे पर जागरूक होने की आवश्यकता है।

आपको इस विषय पर बात करने में झिझक तोड़ने की आवश्यकता है। इस प्रकृतिक प्रक्रिया के बारे में सभी अवगत है, इस विषय पर फैले शर्मिंदगी के भाव व चुप्पी तोड़कर आप किशोरियां खुल कर बात करे, इससे गांव-घर में फैली शर्म व झिझक मिटेगी। घर के पुरुषों को भी इस चर्चा में शामिल करें, उन्हें भी जानकारी होनी चाहिए, जिससे वो भी महिलाओं के इस गंभीर मुद्दे को समझते हुये मददगार बन सके,

इससे महिलाओं को इस मुद्दे पर पुरुषों का सहयोग भी मिलेगा। सैनिटरी नैपकिन बाजार में आसानी से उपलब्ध है, लेकिन इसे छुपा कर बेचा जाता है। माहवारी जैसे मुद्दों पर फैली चुप्पी तोड़ने से महिलाओं के लिए बेहतर समाज बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकता है।

*सैनिटरी नैपकिन के सही निस्तारण के बारे में किशोरियों ने जाना, विद्यालय में सैनिेटरी नैपकिन इंसीनिरेटर की है व्यवस्था, सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन लगाने की है योजना :*

टांगराईन विद्यालय में किशोरियों के उपयोग हेतु सैनिटरी नैपकिन इंसिनिरेटर का निर्माण किया गया है।

कार्यशाला के दौरान किशोरियों को बताया गया कि उपयोग के बाद सैनिटरी नैपकिन का सही निस्तारण बेहद आवश्यक है।

सैनिटरी नैपकिन का निस्तारण पर्यावरण के लिए बेहद गंभीर विषय है। विद्यालय में लगे इनसिनेटर का उपयोग कर सेनेटरी नैपकिन का पर्यावरण फ्रेंडली निस्तारण किया जा सकता है।

आगामी दिनों में विद्यालय में सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन भी लगाने की योजना है। जिससे विद्यालय की बच्चियां आवश्यकता पड़ने पर सेनेटरी नैपकिन आसानी से प्राप्त कर सकेंगी।

*कविता सुनाकर बच्चियों ने पूरा किया पैडमैन चैलेंज, मौके पर बच्चियों को वितरित किया गया सैनिटरी नैपकिन, 14 फ़रवरी को चैलेंज पूरा करने वाली बच्चियां जमशेदपुर आकार देखेंगी पैडमैन :*

विद्यालय की बच्चियों को माहवारी स्वच्छ्ता के प्रति जागरूक करने हेतु कविता सुनाने का पैडमैन चैलेंज दिया गया था। कार्यक्रम के दौरान 50 से भी ज्यादा बच्चियों ने कविता सुनाकर पैडमैन चैलेंज पूरा किया।

मौके पर बच्चियों को प्रौत्साहित करने हेतु सैनिेटरी नैपकिन वितरित किया गया। आगामी 14 फ़रवरी को विद्यालय की बच्चियां जमशेदपुर स्थित सिनेमाघर आकार माहवारी के अहम मुद्दे पर आधारित अक्षय कुमार अभिनीत हिंदी फीचर फिल्म पैडमैन देखेंगी।

*”डोनेट सैनिटरी नैपकिन फॉर रूरल गर्ल्स” मुहीम में सैनिटरी नैपकिन दान कर करे माहवारी स्वच्छ्ता के मुद्दे पर योगदान :*

कार्यशाला के दौरान सैनिटरी नैपकिन के प्रयोग करने के तरीके एवं उसके निपटान की प्रक्रिया को भी विस्तार से बताया गया।

कार्यशाला के दौरान तरुण कुमार एवं प्रधानाध्यापक अरविन्द तिवारी ने सैनिटरी नैपकिन दान किया। ग्रामीण इलाकों की किशोरियों में सैनिटरी नैपकिन वितरित कर माहवारी स्वच्छता को प्रोत्साहित करने हेतु “Donate Sanitary Napkin for Rural Girls” मुहिम के तहत आप सभी भी सैनिटरी नैपकिन का दान दे सकते है।

इच्छुक लोग नैपकिन दान करने हेतु 9470381724 पर संपर्क कर सकते है। ग्रामीण इलाके में माहवारी के दौरान सैनिटरी नैपकिन के उपयोग के प्रति जागरूकता की कमी है। दान में प्राप्त नैपकिन्स को ग्रामीण पंचायतों एवम विद्यालयों में आयोजित जागरूकता कार्यशालाओं के दौरान वितरित किया जायेगा।

कार्यशाला में 80 से ज्यादा किशोरियों ने भाग लिया। आयोजन में दौरान विद्यालय की शिक्षिका सुमिता मुंडा, विद्यालय के शिक्षकों एवम सौरभ बाग ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम का विषय प्रवेश एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रभारी प्रधानाध्यक अरविन्द तिवारी ने किया।

 

 
 
 
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